हरतालिका तीज के त्यौहार का हिंदू धर्म में बहुत महत्व माना गया है। हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को यह त्यौहार मनाया जाता है। सुहागिन महिलाओं के बीच प्रसिद्ध ये व्रत महिला अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस व्रत को करने से व्यक्ति को अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
हरतालिका तीज एक ऐसा व्रत है, जिसे सुहागिन महिलाओं के अलावा कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए करती हैं। इस साल हरतालिका तीज पर रवि योग, शुभ योग और साध्य योग का संयोग बना रहा है। चलिए पूजन के शुभ मुहूर्त के बारे में जान लेते हैं।
हरतालिका तीज पर ब्रह्म मुहूर्त (Hartalika Teej 2025)
हरतालिका तीज पर अगर आप ब्रह्म मुहूर्त में पूजन करना चाहते हैं, तो इसका समय 4:27 से सुबह 5:12 तक रहने वाला है। धार्मिक गतिविधियों के लिए ब्रह्म मुहूर्त वैसे भी काफी शुभ माना गया है।
पूजन का शुभ समय
हरतालिका तीज पर महिलाओं के बीच पूजन का विशेष महत्व रहता है। इस दिन वह भगवान शिव और माता पार्वती की पूजन करती हैं। प्रातः काल में पूजन की शुभ मुहूर्त की बात करें तो यह 5:56 से 8:31 तक है। 2 घंटे 35 मिनट की इस अवधि में पूजन किया जा सकता है। प्रदोष काल के समय पूजा करना चाहते हैं तो 6:49 से 7:11 तक शुभ मुहूर्त है।
पूजन के अन्य मुहूर्त
अन्य मुहूर्त की बात करें तो सुबह 11:57 से 12:48 तक अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त 2:31 मिनट से 3:23 तक है। वही संध्या मुहूर्त 6:49 से 7:56 मिनट तक है।
राहुकाल का रखें ध्यान
व्रत और त्योहारों के मौके पर अक्सर राहुकाल और भद्रा जैसी चीज देखने को मिलती है। हिंदू धर्म में राहुकाल के समय शुभ कार्य और पूजन पाठ करना अच्छा नहीं माना गया है। हरतालिका तीज पर दोपहर 3:36 से शाम 5:13 तक राहुकाल रहेगा। इस समय पूजन पाठ करने से बचें और भगवान का ध्यान करें।
















