सुकमा, 12 अगस्त 2025
कभी नक्सली कमांडर हिड़मा के नाम से कुख्यात रहे सुकमा जिले के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित गांव पूवर्ती में बदलाव की बयार बह रही है। आज यह गांव सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़कर विकास की मुख्यधारा की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण तथा डीएफओ श्री अक्षय दिनकर भोसले ने पूवर्ती गांव का दौरा कर विकास कार्यों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अपने बीच पाकर ग्रामीण उत्साहित नजर आए। कलेक्टर से ग्रामीणों ने गाँव के विकास और समस्याओं के बारे में बिना झिझक अपनी बात रखी।
अधिकारियों ने सबसे पहले मुख्य सड़क सिलगेर से पूवर्ती को जोड़ने वाले बीआरओ द्वारा निर्मित बैली ब्रिज का निरीक्षण किया। यह पुल बारहमासी आवागमन सुनिश्चित कर रहा है और गांव को सालभर जिला मुख्यालय से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल निर्माण के बाद अब वर्षा ऋतु में भी शहरों से गांव का संपर्क नहीं टूटता।
दौरे के दौरान कलेक्टर एवं एसपी ने ग्रामीणों से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यकताओं पर चर्चा की। कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि नियद नेल्ला नार योजना एवं नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पूवर्ती सहित अन्य गांवों में विकास कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं।
यहां यह उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा गांव में सौर ऊर्जा आधारित मिनी-ग्रिड स्थापित किया गया है, जिससे घरों में बिजली के साथ-साथ टेलिविजन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे ग्रामीण देश-दुनिया की खबरों से जुड़ पा रहे हैं और बच्चों को शैक्षिक सामग्री देखने का अवसर मिल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत गांव में 5 सोलर टैंक स्थापित कर घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाओं और बच्चों को लंबी दूरी तक पानी ढोने की परेशानी से मुक्ति मिली है। गांव तक अब नियमित सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध है। जिला प्रशासन द्वारा सुकमा से पूवर्ती गांव के लिए प्रतिदिन हक्कुम मेल बस सेवा संचालित की जा रही है, जिससे लोगों को आवागमन में सहूलियत हो रही है। विगत वर्ष पूवर्ती में सुरक्षा कैम्प की स्थापना की गई, जिसके बाद यहां गुरुकुल भी प्रारंभ किया गया है। इसमें स्थानीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। साथ ही, सुरक्षा बलों की उपस्थिति से क्षेत्र में शांति और विश्वास का माहौल बना है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज का पूवर्ती, पहले से बिल्कुल अलग हैकृजहां कभी भय का माहौल था, वहां अब विकास की रोशनी फैल रही है।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले के अंदरूनी गांवों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है।
















