रेलवे में कार्यरत 128 कैडरों में पदों की रि-स्ट्रक्चरिंग 10 वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर होने जा रही है। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने एक प्रस्ताव तैयार कर नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस (एनएफआईआर) को भेजा है। सहमति बनने की स्थिति में दिसंबर 2026 से रेलकर्मियों को पदोन्नति का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस (एनएफआईआर) की बैठक गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता अध्यक्ष गुमान सिंह और महामंत्री डॉ. एम. रघुवईया ने की, जिसमें सभी जोनों के महासचिव शामिल हुए।
बैठक के दौरान दक्षिण पूर्व रेलवे के सहायक महासचिव एस.आर. मिश्रा ने जोन के विभिन्न विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रेलवे बोर्ड द्वारा प्रस्तावित कैडर पुनर्गठन की विस्तृत जानकारी फेडरेशन को दी। इसका उद्देश्य कैडर पुनर्गठन प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर आगे की कार्रवाई के लिए शीघ्र ही रेलवे बोर्ड को भेजना है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले रेलवे में कैडर रि-स्ट्रक्चरिंग वर्ष 2016 में की गई थी, जिसमें लगभग साढ़े चार लाख रेलकर्मियों को पदोन्नति का लाभ मिला था।
एस.आर. मिश्रा के अनुसार वर्ष 2026 में कैडर संरचना में होने वाले बदलावों से भारतीय रेलवे के करीब 35 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। एनएफआईआर और दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2026 को ‘पदोन्नति वर्ष’ के रूप में देखा जा रहा है।
रेलवे बोर्ड से प्राप्त कैडर पुनर्गठन पर एनएफआईआर के सुझाव
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के ट्रैक मेंटेनर्स
- लेवल-6 का नया ग्रेड बनाया जाए, ताकि 2800 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों के प्रमोशन का नया रास्ता खुल सके। इसमें 10 प्रतिशत पदों का सृजन करने की मांग है।
- लेवल-5 में 25 प्रतिशत पद रखे जाएं।
- लेवल-2 व लेवल-4 को मर्ज कर 25 प्रतिशत पद रखे जाएं।
- लेवल-1 में 40 प्रतिशत पद रखने का प्रस्ताव
सभी विभागों में आर्टिजन स्टाफ, टेक्निशियन का पद सृजित किया जाए। इसमें सीनियर टेक्निशियन से टेक्निशियन-3 तक का पद हो। क्योंकि प्रमोशन का रास्ता बंद होने के कारण अधिकतर कर्मचारी लेवल-6 में जाकर सेवानिवृत हो रहे रहे हैं। ऐसे में 4600 ग्रेड में जाने का रास्ता खोला जाए और टेक्निशियन-1 व टेक्निशियन-2 को मर्ज कर दिया जाए।
- लेवल-7 में पांच प्रतिशत पदों का सृजन हो।
- लेवल-6 में 35 प्रतिशत पद रहे।
- लेवल-5 व लेवल-4 को मर्ज कर 45 पद रखे जाएं।
- सहायक लोको पायलट के तर्ज पर तकनीकी श्रेणी में इंट्री लेवल-4 में 15 प्रतिशत पदों का सृजन हो।
सभी विभागों में तकनीकी पर्यवेक्षक बने
- एनएफआईआर की मांग है कि (आरबीई-155/2022) के निर्देशानुसार लेवल-8 व लेवल-9 के कैडर पदों का उन्नयन किया जाए।
- लेवल-6, 7, 8 व 9 में समान रूप से 25 प्रतिशत कैडर पद निर्धारित किया जाए।
- 15 प्रतिशत पदों को गैजेटेड करने की मांग। उन्हें लेवल-8 व लेवल-9 के तहत वित्तीय लाभ दिया जाए।
रनिंग स्टाफ (ट्रेन मैनेजर एवं लोको पायलट)
- लेवल-7 में कैडर पदों को 30 प्रतिशत सृजित किया जाए।
















