जिले की जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जीविका की ओर से शहर के एक निजी होटल के सभागार में जीविका निधि पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधक वंदना कुमारी, सूक्ष्म वित्त प्रबंधक राज कुमार महतो, क्षमतावर्धन प्रबंधक मो. इमरान, प्रबंधक (अधिप्राप्ति, टीएसपी) पूजा कुमारी, विकास कुमार, प्रशिक्षण अधिकारी प्रिंस कुमार सिंह और रिसोर्स पर्सन ललन कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
ऋण नीति और डिजिटल प्रक्रिया पर दी गई जानकारी
कार्यशाला में बिहार राज्य जीविका साख सहकारी संघ लिमिटेड की ऋण नीति पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को जीविका निधि की संरचना, सदस्यता की प्रक्रिया, ऋण प्रबंधन, पात्रता की शर्तों और डिजिटल प्रक्रिया के बारे में सरल तरीके से समझाया गया।
इसके अलावा जीविका निधि मोबाइल ऐप के जरिए ऋण लेने और उसके संचालन की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि अब दीदियां डिजिटल माध्यम से ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगी, स्वीकृति की स्थिति देख सकेंगी और किस्तों का प्रबंधन भी कर पाएंगी।
समय पर ऋण उपलब्ध कराने पर जोर
जिला परियोजना प्रबंधक ने कहा कि जिलाधिकारी वैशाली के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर समूह की दीदी को समय पर और आसानी से ऋण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि जीविका निधि के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को आगे बढ़ा सकेंगी।
इससे न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कार्यशाला में मौजूद रिसोर्स पर्सन ने निधि की संरचना और पात्रता से जुड़े बिंदुओं को विस्तार से समझाया और मोबाइल ऐप के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया कम होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी, जिससे महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
















