सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों को राहत देने वाला अहम निर्णय लिया है। अब रोजा रखने वाले सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी खत्म होने से एक घंटा पहले कार्यालय से घर जा सकेंगे।
रमजान में बढ़ती है इबादत की अहमियत
इस्लाम का पवित्र महीना रमजान मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद खास माना जाता है। पूरे महीने रोजा रखा जाता है और मस्जिदों में इबादत करने वालों की संख्या भी बढ़ जाती है। मान्यता है कि इसी महीने पवित्र कुरआन का अवतरण हुआ था, इसलिए इसे रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है।
सरकार ने दी विशेष छूट
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने रोजा रखने वाले मुस्लिम कर्मचारियों को सुविधा देते हुए यह आदेश जारी किया है कि वे तय समय से एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ सकते हैं, ताकि वे इफ्तार और नमाज की तैयारी कर सकें।
फैसले का हुआ स्वागत
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान कर रही है और यह एक सराहनीय कदम है।
अन्य राज्यों में भी लागू है व्यवस्था
छत्तीसगढ़ से पहले तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सरकार भी रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को इसी तरह की छूट दे चुकी हैं। वहां जारी आदेश के अनुसार कर्मचारी सामान्य समय से एक घंटा पहले कार्यालय या स्कूल से जा सकते हैं, ताकि वे नमाज और इफ्तार कर सकें।















