अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए उनके लगाए गए व्यापक टैरिफ को खारिज कर दिया। अदालत ने अपने अहम फैसले में साफ कहा कि राष्ट्रीय आपातकाल के कानून के तहत राष्ट्रपति को इस तरह मनमाने टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है।
मनमाने टैरिफ पर लगी रोक
अदालत के इस फैसले से अब IEEPA कानून के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर अचानक टैरिफ लगाने पर रोक लग गई है। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है। इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स, केमिकल्स, टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी जैसे सेक्टर पहले ऐसे फैसलों से ज्यादा प्रभावित होते थे, लेकिन अब अनिश्चितता कम होने की उम्मीद है।
भारत के लिए खुला बेहतर मौका
इस फैसले के बाद अमेरिकी टैरिफ नीति फिर से कानूनी प्रक्रिया और कांग्रेस की निगरानी में आ जाएगी। अब किसी भी टैरिफ से पहले जांच, चर्चा और तय प्रक्रिया का पालन जरूरी होगा। इससे भारत को अमेरिका के साथ बातचीत में ज्यादा स्पष्टता और बेहतर अवसर मिलेंगे। अब भारत उत्पाद-आधारित राहत और समयबद्ध फैसलों की मांग मजबूती से कर सकेगा।
सप्लाई चेन में भारत को बढ़त संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप दौर के कुछ कड़े टैरिफ नियम कमजोर होने से वैश्विक कंपनियां अब वैकल्पिक बाजार तलाश सकती हैं। ऐसे में भारत एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर सकता है और सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है।















