प्रदेश के नगरीय निकायों में खाली पड़े पदों को भरने की तैयारी शुरू हो गई है। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों से रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा है। इसके लिए एक तय फॉर्मेट भेजकर एक सप्ताह के भीतर पदवार जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।
निकायों को भेजे गए फॉर्म में स्वीकृत पदों की कुल संख्या, रोस्टर के अनुसार आरक्षित पद, भरे हुए पद, आरक्षित रिक्तियां, बैकलॉग पद और भर्ती प्रक्रिया में चल रहे पदों की वर्गवार जानकारी मांगी गई है।
प्रदेश के करीब 194 नगरीय निकायों में सीधी भर्ती के कई पद लंबे समय से खाली हैं। नए सेटअप तैयार होने के बावजूद इन पदों पर भर्ती नहीं की गई है और काम ठेका पद्धति यानी प्लेसमेंट कर्मचारियों के जरिए चलाया जा रहा है। अनुकंपा नियुक्तियों में देरी के कारण तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पद भी बड़ी संख्या में रिक्त हैं।
निकायों में कंप्यूटर ऑपरेटर सहित कई पदों पर अनियमित, संविदा, दैनिक वेतनभोगी और प्लेसमेंट कर्मचारी पिछले 15 से 20 साल से काम कर रहे हैं। ये कर्मचारी एजेंसियों के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं और लंबे समय से ठेका प्रणाली खत्म कर सीधे वेतन और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, सरकार बनने के बाद 100 दिन में अनियमित कर्मचारियों की समस्याएं दूर करने का वादा भी किया गया था, लेकिन ढाई साल बाद भी इस दिशा में कोई बड़ा फैसला नहीं हो सका है।
















