छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे वित्त मंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह विष्णु देव साय सरकार का तीसरा बजट होगा। बताया जा रहा है कि यह बजट सिर्फ आय-व्यय का हिसाब नहीं होगा, बल्कि विजन 2047 को ध्यान में रखते हुए विकास का रोडमैप भी पेश करेगा।
महिला, युवा और किसानों पर रहेगा फोकस
इस बार के बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जा सकता है। इसके साथ ही सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा और पुरानी योजनाओं के विस्तार की संभावना भी जताई जा रही है। विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो चुका है, जो 20 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं।
तीन अहम विधेयक होंगे पेश
सत्र के दौरान तीन महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए जाएंगे। इनमें छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक-2026 प्रमुख है। यह विधेयक 1968 के पुराने कानून में बदलाव करते हुए जबरन धर्मांतरण के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करेगा। धोखाधड़ी या लालच देकर धर्मांतरण कराने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया जा सकता है। इस विधेयक का मसौदा तैयार करने से पहले राज्य सरकार ने ओडिशा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों के कानूनों का अध्ययन किया है।
सत्र में हजारों सवालों पर होगी चर्चा
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, पूरे सत्र के लिए कुल 2,813 सवालों की सूचना मिली है, जिनमें 1,437 तारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और 112 याचिकाओं पर भी चर्चा की जाएगी। राजनीतिक रूप से यह बजट सत्र सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की रणनीति को तय करने में अहम माना जा रहा है।
















