रायगढ़ ,24 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एनटीपीसी लारा परियोजना से प्रभावित परिवार अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन करने जा रहे हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बदले उन्हें अब तक नौकरी, बेरोजगारी भत्ता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूल सुविधाएं नहीं मिली हैं। लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने पर मंगलवार को लारा संघर्ष समिति एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेगी।
15 साल बाद भी नहीं मिला रोजगार
पुसौर विकासखंड में करीब 15 साल पहले जिला प्रशासन ने पुनर्वास नीति के तहत स्थानीय किसानों की जमीन अधिग्रहित कर एनटीपीसी लारा परियोजना को दी थी। इसके बावजूद विस्थापित परिवारों को अब तक नियमित रोजगार नहीं मिल पाया है और पुनर्वास नीति का भी पूरी तरह पालन नहीं हुआ है।
कलेक्टर को सौंपा गया था ज्ञापन
लारा संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने 19 जनवरी को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित परिवारों को योग्यता के अनुसार नौकरी देने की मांग की थी। साथ ही रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में पिछले 15 साल का बेरोजगारी भत्ता देने की भी मांग रखी गई थी। समिति ने परियोजना से जुड़ी अनियमितताओं की जांच की मांग भी उठाई थी, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मुख्य गेट पर होगा प्रदर्शन
मांगों को लेकर अब समिति ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। मंगलवार को छपोरा स्थित एनटीपीसी लारा परियोजना के मुख्य गेट के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समिति ने स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से बड़ी संख्या में शामिल होकर समर्थन देने की अपील की है।
















