देश के कई हिस्सों में आज चंद्र ग्रहण का असर देखने को मिलेगा। खास तौर पर मंदिरों में इसे धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और ग्रहण से जुड़े नियमों का पालन किया जाता है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर मंदिर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पट दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक बंद रहेंगे।
रात 8 बजे से फिर होंगे दर्शन
जानकारी के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम 7 से 8 बजे तक मंदिर परिसर की साफ-सफाई की जाएगी। इसके बाद रात 8 बजे से श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि सामान्य रूप से भी किसी ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं।
नर्मदा जल से होगा शुद्धिकरण
ग्रहण समाप्त होने पर मंदिर की विधिवत सफाई की जाती है और उसे नर्मदा नदी के जल से पवित्र किया जाता है। इसके बाद भगवान का स्नान, जलाभिषेक और श्रृंगार किया जाता है। भोग लगाकर आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था शुरू की जाती है।
पांच घंटे बंद रहेगा गर्भगृह
ग्रहण के दौरान गर्भगृह पूरी तरह बंद रहेगा और किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इस बार मंगलवार को पड़ रहे चंद्र ग्रहण के कारण करीब पांच घंटे तक गर्भगृह बंद रहेगा। दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे।
पहले ही जारी की गई सूचना
ओंकारेश्वर मंदिर समिति ने ग्रहण के दौरान दर्शनों पर रोक को लेकर पहले ही सूचना जारी कर दी है, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो और वे पट खुलने के बाद आसानी से दर्शन कर सकें।
स्नान के बाद ही करेंगे दर्शन
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद श्रद्धालु पहले नर्मदा नदी में स्नान करते हैं। इसके बाद ही वे मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना और दर्शन करते हैं।
















