केंद्र सरकार के संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ को 3,942 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि संचार मंत्रालय की ओर से संशोधित भारतनेट प्रोग्राम के तहत मिली यह स्वीकृति राज्य के डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
इस परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ की 11,682 ग्राम पंचायतों को ‘रिंग टोपोलॉजी’ आधारित नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क पहले की पॉइंट-टू-पॉइंट व्यवस्था की जगह लेगा और ज्यादा सुरक्षित व भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। रिंग टोपोलॉजी में यदि किसी एक फाइबर लिंक में खराबी आती है तो डेटा अपने आप दूसरी दिशा से ट्रांसफर हो जाता है, जिससे इंटरनेट सेवा बाधित नहीं होती।
अधिकारियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से गांवों में निर्बाध डिजिटल सेवाएं मिल सकेंगी और इंटरनेट कनेक्टिविटी पहले से बेहतर होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव। हाय ने इसे ग्रामीण डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा, ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और टेलीमेडिसिन के जरिए दूरदराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकेंगी। साथ ही, ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर भी तैयार होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की नई जीवनरेखा है। इससे शासन में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी सेवाएं तेजी से लोगों तक पहुंचेंगी।
उन्होंने इस मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia का आभार जताया। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र के सहयोग से छत्तीसगढ़ डिजिटल रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा
















