सोमवार को मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर घरेलू शेयर बाजार पर साफ देखा गया। बीएसई सेंसेक्स सुबह 9:17 बजे 2081.23 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 74,837.67 पर ट्रेड कर रहा था। इसी समय, एनएसई का निफ्टी भी 618.85 अंक फिसलकर 23,831 पर आ गया। निफ्टी में बड़ी कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे, जिनमें श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, एल एंड टी और अडानी पोर्ट्स शामिल हैं। वहीं, ओएनजीसी और कोल इंडिया के शेयर बढ़त में रहे। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिसमें पीएसयू बैंक इंडेक्स लगभग 4% गिर गया, और निफ्टी मिडकैप व स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 3% नीचे आए।
बाजार गिरावट के पीछे प्रमुख कारण
मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें तेज बढ़ीं और वैश्विक आपूर्ति पर खतरा बढ़ा। बढ़ती अनिश्चितता से निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। साथ ही, रुपया कमजोर होने और तेल आयात लागत बढ़ने का डर भी गिरावट को बढ़ावा दे रहा है।
रुपये में कमजोरी
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे गिरकर 92.28 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट मिडिल ईस्ट के हालात और बढ़ती तेल कीमतों के कारण हुई। US-इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष के डर से ग्लोबल क्रूड ब्रेंट क्रूड में करीब 25-26% की तेजी आई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की पूंजी निकासी और घरेलू बाजार की गिरावट ने भी रुपया कमजोर किया।
वैश्विक बाजारों में असर
वैश्विक बाजारों में भी भारी गिरावट देखी गई। टोक्यो में S&P 500 फ्यूचर्स 2.2% नीचे, निक्केई 225 7.4% गिरा। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 5.8% नीचे, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 4.3% गिरा। हांगकांग का हैंग सेंग 2.9% नीचे और शंघाई कम्पोजिट 1.3% फिसला। यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 2.8% गिर गए।
यह गिरावट मिडिल ईस्ट संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव और मुद्रास्फीति के डर से आई है।
















