राजधानी दिल्ली के पास सोमवार सुबह रेवाड़ी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र हरियाणा के रेवाड़ी में जमीन से लगभग 5 किमी की गहराई में था। सुबह 7:01 बजे आए झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई।
भूकंप क्यों आते हैं?
धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार हिलती रहती हैं। कभी-कभी ये प्लेट्स आपस में टकराती या घिसटती हैं, जिससे भूकंप आते हैं। इससे मकान और इमारतें गिर सकती हैं और आम जनजीवन प्रभावित होता है।
भारत में भूकंप जोन
भारत के लगभग 59% हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिक भारत को चार भूकंप जोन में बांटते हैं – जोन-2 से जोन-5। जोन-5 सबसे संवेदनशील है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील। दिल्ली जोन-4 में आती है, जहां 7 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप भी आ सकते हैं। हिमालय और कच्छ जैसी फॉल्ट लाइनें भूकंप का खतरा बढ़ाती हैं।
*रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता*
- 4–4.9: घर का सामान गिर सकता है
- 5–5.9: भारी सामान और फर्नीचर हिल सकते हैं
- 6–6.9: इमारत का बेस दरक सकता है
- 7–7.9: इमारतें गिर सकती हैं
- 8–8.9: सुनामी का खतरा, भारी तबाही
- 9 या अधिक: सबसे भीषण तबाही
इस प्रकार, दिल्ली और आसपास के इलाके में भूकंप के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।
















