छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2026 का आज सातवां दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बड़ा हंगामा देखने को मिला। जानकारी के मुताबिक, हंगामे के बाद कांग्रेस के सभी विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, आज सदन में धान खरीदी से जुड़ा मुद्दा जोर-शोर से उठा। चूहों द्वारा धान खाए जाने के मामले को लेकर विपक्ष ने ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव लाने की कोशिश की। इस दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि जितनी मात्रा में धान खाए जाने की बात कही जा रही है, उसके लिए करीब 60 करोड़ चूहों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने चूहे कहां से आए और क्या वे 22 लाख क्विंटल धान खा सकते हैं।
वहीं कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने तंज कसते हुए कहा कि कहीं ये चूहे मंत्रालय में तो नहीं बैठे हैं। विधायक राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कई धान खरीदी केंद्रों में धान की जगह भूसा भर दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि “मुस्वा” को बदनाम किया जा रहा है और 4600 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आसंदी से स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की।
हालांकि सभापति ने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विपक्षी विधायक सदन में नारेबाजी करते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए। इस दौरान “मुस्वा को बदनाम करना बंद करो” और “दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करो” जैसे नारे लगाए गए।
हंगामे के चलते सदन की मर्यादा भंग होने पर कांग्रेस के सभी विधायकों को निलंबित कर दिया गया और उन्हें सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए गए।
















