खाड़ी देशों में जारी युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से राजधानी दिल्ली में होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर संकट मंडराने लगा है। बताया जा रहा है कि कई जगहों पर एलपीजी की कमी हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के उपाध्यक्ष जोरावर कालरा ने बताया कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो दिल्ली में Swiggy और Zomato के जरिए खाना डिलीवरी पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कई होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में आज रात तक ही एलपीजी का स्टॉक बचा हुआ है।
होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर संकट
जोरावर कालरा के मुताबिक, पिछले दो दिनों से एलपीजी की सप्लाई नहीं मिल रही है। इसकी वजह से पूरे देश में करीब 80 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री संकट की स्थिति में पहुंच गई है। इसमें वे रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन भी शामिल हैं जो ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए खाना डिलीवर करते हैं।
कई जगह आज रात तक ही गैस का स्टॉक
उन्होंने बताया कि दिल्ली के कई होटल और रेस्टोरेंट में एलपीजी का स्टॉक केवल आज रात तक ही बचा है। वहीं करीब 70 प्रतिशत जगहों पर सिर्फ दो दिन का बैकअप ही मौजूद है। अगर जल्द सप्लाई नहीं मिली तो सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
सरकार से एसेंशियल कमोडिटी में शामिल करने की मांग
रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को भी एसेंशियल कमोडिटी कैटेगरी में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें गैस की सप्लाई नियमित रूप से मिल सके। उनका कहना है कि भारत में 2 से 3 प्रतिशत लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर निर्भर रहते हैं, जो क्लाउड किचन के जरिए खाना मंगाते हैं।
एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू
एलपीजी की मांग बढ़ने और सप्लाई कम होने से सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। लोगों का दावा है कि जो सिलेंडर सामान्य तौर पर करीब 910 रुपये में मिलता है, वह बाजार में 2000 रुपये तक में ब्लैक में बेचा जा रहा है। कई जगहों पर गैस एजेंसियों में 10–10 दिन पहले बुकिंग करने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं।
गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी
गौरतलब है कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच शनिवार को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि सरकारी सूत्रों ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ाने की कोई योजना नहीं है, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों के पास इसका बोझ उठाने की क्षमता है।
















