देश में एलपीजी सप्लाई बंद होने का असर अब टेलीकॉम सेक्टर पर भी पड़ सकता है। टेलीकॉम टावर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियों का कहना है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योग संगठन Digital Infrastructure Providers Association (DIPA) के अनुसार, सरकार के निर्देश के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने टेलीकॉम टावर बनाने वाली कंपनियों को एलपीजी की सप्लाई रोक दी है।
डीआईपीए का कहना है कि मौजूदा जियो-पॉलिटिकल हालात और ईंधन संकट के कारण मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देश दिया है कि फिलहाल एलपीजी की सप्लाई घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर दी जाए।
टेलीकॉम टावर में LPG की जरूरत क्यों होती है
टेलीकॉम टावर निर्माण की प्रक्रिया में गैल्वनाइजेशन का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए एलपीजी या गैस आधारित ईंधन की जरूरत होती है। इसलिए टावर बनाने वाली कंपनियों के लिए एलपीजी की लगातार सप्लाई बेहद जरूरी होती है। अब सप्लाई रुकने से टावर निर्माण इकाइयों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो टावर निर्माण प्रभावित हो सकता है, जिससे मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
5 मार्च 2026 से बंद हुई LPG सप्लाई
इस मामले को लेकर डीआईपीए ने टेलीकॉम सचिव Amit Agrawal से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के मुताबिक 5 मार्च 2026 से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने टेलीकॉम टावर निर्माण कंपनियों को एलपीजी की सप्लाई बंद कर दी है। इससे निर्माण इकाइयों के सामने गंभीर संचालन संबंधी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। डीआईपीए ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो कई प्लांट्स को उत्पादन बंद करना पड़ सकता है। ऐसे प्लांट्स को दोबारा शुरू करने में काफी समय लगता है, जिससे टावर निर्माण लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है।
इन कंपनियों पर पड़ सकता है सीधा असर
संगठन का कहना है कि एलपीजी या एलएनजी की सप्लाई बंद रहने से टेलीकॉम टावर निर्माण की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है और नए टावर लगाने की योजनाओं में देरी हो सकती है। इसका असर खासकर उन इलाकों में पड़ेगा जहां नेटवर्क की पहुंच अभी कम है या क्षमता की कमी है। डीआईपीए के सदस्यों में Indus Towers, Ascend Telecom Infrastructure, Vodafone Idea और Gentari India जैसी कंपनियां शामिल हैं।
क्या है गैल्वनाइजेशन प्रक्रिया
गैल्वनाइजेशन लोहे या स्टील को जंग से बचाने की एक केमिकल प्रक्रिया है। इसमें धातु पर जिंक की एक सुरक्षा परत चढ़ाई जाती है, जिससे वह नमी और ऑक्सीजन के संपर्क में आने से सुरक्षित रहता है। मोबाइल टावर निर्माण में यह एक अहम प्रक्रिया मानी जाती















