छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सहित कई जिला और सत्र न्यायालयों को लगातार धमकी भरे ईमेल मिलने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। ईमेल के जरिए न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी दी जा रही है। इन घटनाओं के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और सभी कोर्ट परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों के जिला एवं सत्र न्यायालयों को भी इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे गए हैं। इससे पहले भी हाईकोर्ट और बिलासपुर जिला न्यायालय को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार धमकी मिलने के बाद पुलिस तुरंत अलर्ट हो जाती है, कोर्ट परिसर की गहन जांच की जाती है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है। हालांकि अब तक की जांच में किसी भी तरह की विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन बार-बार ऐसे ईमेल आने से पुलिस के लिए यह गंभीर चुनौती बन गया है।
कई राज्यों में भी मिले ऐसे ईमेल
यह मामला केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है। देश के कई अन्य राज्यों में भी न्यायालयों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई है। इस कारण जांच एजेंसियां इसे बड़े नेटवर्क से जोड़कर भी देख रही हैं। बिलासपुर पुलिस अन्य जिलों और राज्यों की पुलिस से संपर्क में है और जांच से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है।
तकनीकी जांच जारी
पुलिस ने इन मामलों में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीम ईमेल के स्रोत और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ईमेल के आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और डिजिटल ट्रेल की भी जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक आरोपियों का पता नहीं चल पाया है।
विदेशी सर्वर और डार्कवेब के इस्तेमाल की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार धमकी भरे ईमेल भेजने में विदेशी सर्वर का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। इसके अलावा डार्कवेब जैसे प्लेटफॉर्म के उपयोग की भी आशंका जताई जा रही है। ऐसे में ईमेल भेजने वाले की असली पहचान तक पहुंचना तकनीकी रूप से काफी कठिन हो जाता है।
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि न्यायालयों को मिली धमकियों को गंभीरता से लिया गया है। सभी मामलों में अपराध दर्ज कर साइबर सेल और तकनीकी टीमों को जांच में लगाया गया है। साथ ही अन्य जिलों और राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय कर जानकारी जुटाई जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसरों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
















