छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (सीएसवीटीयू) ने बीटेक पाठ्यक्रम में नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब छात्र इंटरनेट के माध्यम से किए गए पाठ्यक्रमों के जरिए भी शैक्षणिक अंक प्राप्त कर सकेंगे। नई प्रणाली में ऑनलाइन पाठ्यक्रम को मुक्त वैकल्पिक और व्यावसायिक वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी अपनी मुख्य पढ़ाई के साथ अन्य विषयों का भी अध्ययन कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय के अनुसार राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन मंच जैसे स्वयम्-एनपीटीईएल और अन्य मान्यता प्राप्त विशाल मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम मंचों से किए गए पाठ्यक्रम को बीटेक पढ़ाई में जोड़ा जाएगा। ये पाठ्यक्रम लगभग 45 से 60 घंटे के होंगे। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद मिलने वाला प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय में जमा करना होगा, जिसके बाद संबंधित अंक छात्र के शैक्षणिक खाते में जोड़ दिए जाएंगे।
अध्ययन मंडल की मंजूरी जरूरी
नियमों के अनुसार अंक स्थानांतरण केवल समान शैक्षणिक स्तर के पाठ्यक्रमों के बीच ही मान्य होगा। बाहरी संस्थानों से प्राप्त अंक को सीपीआई या एसपीआई की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन उपाधि के लिए जरूरी कुल अंकों में इन्हें जोड़ा जाएगा। किसी भी ऑनलाइन पाठ्यक्रम को मान्यता देने से पहले उसे अध्ययन मंडल की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
40 प्रतिशत तक अंक स्थानांतरण
सीएसवीटीयू ने अंक स्थानांतरण की व्यवस्था भी लागू की है। इसके तहत विद्यार्थी अपने कुल अंकों का अधिकतम 40 प्रतिशत तक बाहरी संस्थानों से प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए संबंधित संस्थान के साथ विश्वविद्यालय का समझौता होना जरूरी होगा। यह पूरी प्रक्रिया शैक्षणिक अंक बैंक (एबीसी) के माध्यम से पूरी की जाएगी।
पोर्टल ही कराएगा परीक्षा
एनपीटीईएल या अन्य ऑनलाइन मंच से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा विश्वविद्यालय नहीं लेगा, बल्कि संबंधित मंच ही आयोजित करेगा। परीक्षा ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से हो सकती है। इससे विद्यार्थियों को ऐसे विषयों का भी अध्ययन करने का अवसर मिलेगा जो अभी विश्वविद्यालय के वैकल्पिक पाठ्यक्रम में शामिल नहीं हैं।
इस नई व्यवस्था से छात्रों को अपने मुख्य पाठ्यक्रम के साथ रुचि और उन्नत स्तर के विषयों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इन पाठ्यक्रमों के बाद उन्हें अंक भी दिए जाएंगे, जिससे युवाओं की प्रतिभा और कौशल में वृद्धि होगी।
















