दिग्गज टेक कंपनी Google ने गुरुवार को अपने डिजिटल मैप प्लेटफॉर्म Google Maps में बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि अब यह सेवा लोगों को कहीं जाने की योजना बनाने और वहां तक पहुंचने का बेहतर तरीका बताने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का ज्यादा इस्तेमाल करेगी। यह नया अपडेट Gemini तकनीक पर आधारित होगा। दुनिया भर में करीब 200 करोड़ से ज्यादा लोग गूगल मैप्स का उपयोग करते हैं।
गूगल मैप्स में जोड़ी गईं दो नई एआई सुविधाएं
गूगल ने मैप्स में दो नई एआई आधारित सुविधाएं जोड़ी हैं। पहली सुविधा “आस्क मैप्स” है, जिसके जरिए यूजर्स बातचीत के अंदाज में जानकारी हासिल कर सकेंगे। उदाहरण के तौर पर यूजर्स नजदीक में मोबाइल चार्ज करने की जगह, कम भीड़ वाला कैफे या कई स्टॉप वाली रोड ट्रिप की योजना के बारे में पूछ सकते हैं।
कंपनी के अनुसार, जेमिनी के सुझाव 30 करोड़ से अधिक स्थानों के डाटाबेस और 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स की समीक्षाओं के आधार पर दिए जाएंगे। यह सुविधा शुरुआत में गूगल मैप्स के मोबाइल ऐप पर अमेरिका और भारत में आईफोन और एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी। बाद में इसे कंप्यूटर और अन्य देशों में भी शुरू किया जाएगा।
इमर्सिव नेविगेशन से मिलेगा 3डी व्यू
दूसरी नई सुविधा “इमर्सिव नेविगेशन” है, जिसे गूगल ने ड्राइविंग निर्देशों में अब तक का बड़ा बदलाव बताया है। इस फीचर में 3डी व्यू के जरिए रास्ते को ज्यादा साफ और विस्तार से देखा जा सकेगा।
जेमिनी की मदद से तैयार इस 3डी व्यू में प्रमुख इमारतें, सड़क के डिवाइडर और आसपास का भू-भाग भी दिखाई देगा, जिससे वाहन चालकों को रास्ता समझने में आसानी होगी। यह फीचर एक ही मंजिल तक पहुंचने के अलग-अलग रास्तों के फायदे और नुकसान भी बताएगा।
पार्किंग की जानकारी भी देगा फीचर
इस सुविधा के जरिए डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद आसपास पार्किंग के बेहतर स्थानों की जानकारी भी मिल सकेगी। गूगल का कहना है कि उसका एआई सुरक्षा ढांचा अब काफी मजबूत हो चुका है, जिससे जेमिनी तकनीक गलत या मौजूद न होने वाले स्थान दिखाने जैसी समस्याओं से बच सकेगी।
फिलहाल यह नई एआई आधारित नेविगेशन सुविधा अमेरिका में गूगल मैप्स के मोबाइल ऐप और कारप्ले व एंड्रॉयड ऑटो से लैस वाहनों में उपलब्ध कराई गई है। आगे चलकर इसे अन्य देशों में भी शुरू किया जाएगा।
















