हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल द्वादशी को नृसिंह द्वादशी मनाई जाती है। इस साल यह 28 फरवरी 2026 को थी। इसके लगभग 15 दिन बाद चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को कृष्ण नृसिंह द्वादशी मनाई जाएगी। इसे भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार की पूजा के लिए खास माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लेकर दैत्य हिरण्यकश्यप का संहार किया था। कृष्ण नृसिंह द्वादशी पर इस दिन पूजा और व्रत करने से व्यक्ति निर्भय और पराक्रमी बनता है।
कृष्ण नृसिंह द्वादशी कब है?
कृष्ण नृसिंह द्वादशी चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाई जाएगी। इस वर्ष यह व्रत 15 मार्च 2026, रविवार को रहेगा। द्वादशी की शुरुआत 15 मार्च को सुबह 9:16 बजे होगी और समाप्ति अगले दिन 16 मार्च को सुबह 9:40 बजे होगी। इस दिन लोग नृसिंह चालीसा का पाठ भी करते हैं।
नृसिंह चालीसा का महत्व
नृसिंह चालीसा में भगवान नृसिंह के अवतार, शक्ति और भक्तों की रक्षा के गुणों का वर्णन है। इसे पढ़ने से मनुष्य के जीवन में दुःख, रोग और बाधाएं दूर होती हैं और संपन्नता, साहस और भक्तिभाव बढ़ता है।
इस अवसर पर श्रद्धालु नृसिंह अवतार की पूजा, व्रत और चालीसा के पाठ के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव और सुरक्षा की कामना करते हैं।
















