सरकार ने शनिवार को कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद देश में खाद की कोई कमी नहीं है। सरकार के मुताबिक यूरिया और अन्य उर्वरकों का भंडार फिलहाल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और आने वाले खरीफ सीजन के लिए भी स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत के अंतरराष्ट्रीय साझेदारों ने भी उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति जारी रखने का भरोसा दिया है। पश्चिम एशिया संकट को लेकर आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि इस समय भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है, खासकर आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए। उन्होंने यह भी बताया कि यूरिया का स्टॉक पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले ज्यादा है।
डीएपी का भंडार पिछले साल से दोगुना
रणधीर जायसवाल ने बताया कि देश में डीएपी (डाइअमोनियम फॉस्फेट) का भंडार वर्ष 2025 की तुलना में लगभग दोगुना हो गया है। वहीं एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम) उर्वरकों की स्थिति भी पिछले साल के मुकाबले बेहतर है। उन्होंने विशेषज्ञों और विश्लेषकों से अपील की कि वे पूरी जानकारी के आधार पर ही स्थिति का आकलन करें और अधूरी जानकारी के आधार पर घबराहट न फैलाएं।
घरेलू उत्पादन सामान्य खपत से ज्यादा
सरकार के अनुसार फिलहाल देश में उर्वरकों का घरेलू उत्पादन सामान्य खपत से ज्यादा है, क्योंकि रबी का मौसम अब समाप्ति की ओर है। सरकार ने उर्वरक संयंत्रों का वार्षिक रखरखाव पहले ही पूरा कर लिया है, ताकि उपलब्ध गैस के साथ उत्पादन को अधिकतम किया जा सके।
उन्होंने बताया कि उर्वरक विभाग ने समय रहते वैश्विक स्तर पर निविदाएं जारी की थीं, जिन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। इसके चलते मार्च के अंत तक बड़ी मात्रा में उर्वरकों की आपूर्ति होने की उम्मीद है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी शुरू
इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई शुरू हो चुकी है और उपभोक्ताओं को सिलेंडर दिए जा रहे हैं। फिलहाल लगभग 84 प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन हो रही है और इसे आगे बढ़ाकर करीब 100 प्रतिशत तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
















