ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मध्य पूर्व (वेस्ट एशिया) में स्थित अपने संबद्ध स्कूलों में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। यह कदम छात्रों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और बढ़ती अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रभावित देशों में बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं। ये बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल, 2026 तक होने वाली थीं। बोर्ड ने कहा है कि 16 मार्च से 10 अप्रैल तक की सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की परीक्षाएं पहले ही रद्द कर दी गई हैं (7 से 11 मार्च तक), और उनके परिणामों के मूल्यांकन का तरीका बाद में बताया जाएगा। कक्षा 12 के लिए बोर्ड फिलहाल स्थगन का विकल्प रख रहा है क्योंकि यह छात्रों के भविष्य और उच्च शिक्षा के लिए अहम है।
यह निर्णय ईरान-इज़राइल संघर्ष के तेज होने और अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद आया है। फरवरी 2026 में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने भी सैन्य कार्रवाई की। इससे पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे बढ़ गए हैं, हवाई अड्डे और स्कूल बंद हुए, और उड़ानें रद्द हुईं।
CBSE ने स्कूलों को कहा है कि वे छात्रों के संपर्क में रहें और उन्हें आवश्यक मदद दें। बोर्ड ने संकेत दिया है कि भविष्य में वैकल्पिक मूल्यांकन या ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।
यह कदम दिखाता है कि वैश्विक स्तर पर शिक्षा और भू-राजनीति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। मध्य पूर्व में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है, लेकिन बोर्ड ने उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने का भरोसा दिया है।
















