अगर आप एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त 15 मार्च तक जमा नहीं कर पाए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई बार किसी कारण से टैक्सपेयर समय पर भुगतान नहीं कर पाते, लेकिन इसके बाद भी नुकसान को कम करने के कुछ विकल्प मौजूद हैं। हालांकि देरी होने पर आयकर विभाग की ओर से ब्याज या पेनाल्टी लग सकती है, इसलिए जल्द सही कदम उठाना जरूरी है।
क्या होता है एडवांस टैक्स?
एडवांस टैक्स वह इनकम टैक्स होता है जिसे साल के अंत में एक साथ देने के बजाय किस्तों में पहले ही जमा किया जाता है। आयकर विभाग तय तारीखों के अनुसार इसे अलग-अलग चरणों में जमा करने का नियम बनाता है। आमतौर पर जिन लोगों की टैक्स देनदारी एक निश्चित सीमा से ज्यादा होती है, उन्हें यह टैक्स देना होता है, ताकि साल के अंत में एकमुश्त बोझ न पड़े।
डेडलाइन छूटने पर भी हैं विकल्प
अगर आप 15 मार्च की डेडलाइन मिस कर चुके हैं, तो भी आपके पास मौका है। आप 31 मार्च 2026 तक एडवांस टैक्स जमा कर सकते हैं और इसे उसी वित्त वर्ष का हिस्सा माना जाएगा। हालांकि देरी के कारण आपको कुछ ब्याज देना पड़ सकता है, लेकिन समय रहते भुगतान करने से ज्यादा नुकसान से बचा जा सकता है।
देरी पर कितना लगेगा ब्याज?
एडवांस टैक्स चार किस्तों में जमा किया जाता है—15 जून (15%), 15 सितंबर (45%), 15 दिसंबर (75%) और 15 मार्च (100%) तक। अगर इन तारीखों तक तय रकम जमा नहीं होती है, तो बकाया राशि पर ब्याज देना पड़ता है।
धारा 234C का नियम
अगर तय समय पर किस्त नहीं चुकाई जाती है, तो धारा 234C के तहत बकाया रकम पर हर महीने 1% की दर से ब्याज लगता है। भले ही देरी कुछ दिन की ही क्यों न हो, उसे पूरा एक महीना मानकर ब्याज लगाया जाता है।
धारा 234B का प्रावधान
अगर 31 मार्च तक कुल टैक्स का कम से कम 90% भुगतान नहीं किया गया, तो धारा 234B लागू होती है। इसके तहत 1 अप्रैल से भुगतान की तारीख तक हर महीने 1% की दर से साधारण ब्याज देना पड़ता है।
घबराएं नहीं, तुरंत करें भुगतान
अगर आप डेडलाइन चूक गए हैं, तो परेशान होने के बजाय जल्द से जल्द बकाया टैक्स जमा करें। इससे अतिरिक्त ब्याज और जुर्माने का बोझ कम किया जा सकता है।















