भारत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। शुक्रवार तड़के गंगटोक में दो बार धरती हिली। अधिकारियों के अनुसार, इन झटकों की तीव्रता क्रमशः 3.6 और 2.7 दर्ज की गई।
तड़के महसूस हुए झटके
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पहला भूकंप सुबह 4:26 बजे गंगटोक से करीब 10.7 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में 5 किलोमीटर की कम गहराई पर आया। दूसरा झटका शहर से लगभग 11.2 किलोमीटर पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। राहत की बात यह रही कि कहीं से भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
क्यों आते हैं भूकंप?
विशेषज्ञों के अनुसार, पृथ्वी के भीतर मौजूद विवर्तनिक प्लेटें लगातार अपनी जगह बदलती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती या घर्षण करती हैं, तो ऊर्जा निकलती है और भूकंप आता है।
भारत में भूकंप के क्षेत्र
वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। देश को चार भागों—जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5—में बांटा गया है। जोन-5 सबसे अधिक संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील होता है। हिमालयी क्षेत्र, कच्छ और पूर्वोत्तर भारत में भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है।
रिक्टर पैमाने पर तीव्रता
भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने से मापी जाती है। 4 से कम तीव्रता के झटके हल्के होते हैं, जबकि 5 से ऊपर नुकसान शुरू हो सकता है। 7 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप में इमारतों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
















