भिलाई के जामुल थाना पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 1 लाख रुपये नकद, 16 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, वाई-फाई डिवाइस, पासपोर्ट, बैंक पासबुक सहित कई इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए गए हैं।
किराए के मकान में चल रहा था गोरखधंधा
पुलिस को सूचना मिली थी कि नालंदा स्कूल के पीछे सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 स्थित एक किराए के मकान में ऑनलाइन सट्टा गिरोह सक्रिय है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा और आरोपियों को सट्टा संचालित करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के जरिए रोजाना 3 से 7 लाख रुपये तक का लेन-देन हो रहा था। कुल मिलाकर करोड़ों के अवैध कारोबार की आशंका जताई जा रही है।
रायपुर और भिलाई के हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में पोषण निषाद (26), योगेश कुमार विश्वकर्मा (22), गौरव तिवारी (26), संजय कुमार जायसवाल (26), चुनेश निषाद (20), विक्रम सिंह उर्फ विक्की (30) और उदल हमणे (19) शामिल हैं। ये सभी रायपुर और भिलाई के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धाराओं 6, 7 और 8 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
म्यूल अकाउंट से होता था लेन-देन
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अलग-अलग सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर अवैध लेन-देन को छिपाता था। गिरोह में हर सदस्य की अलग भूमिका तय थी और तकनीकी रूप से बाहर बैठे लोगों के जरिए भी इसका संचालन किया जा रहा था।
कई खेलों पर लग रहा था दांव
जांच में सामने आया कि आरोपी ड्रैगन टाइगर, अंदर-बाहर, तीन पत्ती, टेनिस, फुटबॉल और रूलेट जैसे खेलों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। ग्राहकों को इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिए जोड़कर उन्हें आईडी दी जाती थी और मोबाइल व लैपटॉप के माध्यम से सट्टा खिलाया जाता था।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों से दूर रहें। ऐसी किसी भी जानकारी की तुरंत पुलिस को सूचना दें। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
















