केंद्रीय कर्मचारियों के लिए साल 2026 काफी अहम माना जा रहा है। नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी होने के बाद अब इसके लागू होने की तारीख और एरियर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय मिला है, लेकिन कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि इसे 1 जनवरी 2026 से ही लागू किया जाए।
क्या 1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया वेतन?
नियमों के अनुसार हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो चुका है। पिछले अनुभव बताते हैं कि रिपोर्ट आने में देरी होने के बावजूद सरकार इसे पिछली तारीख से लागू करती है। 6ठा वेतन आयोग 2008 में लागू हुआ था, लेकिन इसका फायदा 1 जनवरी 2006 से मिला था। इसी तरह 7वें वेतन आयोग में भी ऐसा ही हुआ था। ऐसे में उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग का लाभ भी 1 जनवरी 2026 से ही मिल सकता है।
एरियर को लेकर क्या स्थिति है?
अगर रिपोर्ट लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को एरियर का फायदा मिलेगा। पिछली बार भी रिपोर्ट लागू होने में 2-3 साल लगे थे। कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि देरी की स्थिति में 1 जनवरी 2026 से लेकर लागू होने तक का पूरा एरियर एक साथ दिया जाए।
फिटमेंट फैक्टर से बढ़ेगी सैलरी
कर्मचारी संगठनों ने महंगाई को देखते हुए 3.0 से 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर 3.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल ₹18,000 की बेसिक सैलरी बढ़कर ₹26,000 से ₹30,000 तक पहुंच सकती है।
कर्मचारियों की अन्य बड़ी मांगें
इस बार कर्मचारी सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि कई अन्य बदलाव भी चाहते हैं:
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग
- नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में सुधार
- पेंशन कम्यूटेशन की अवधि 15 साल से घटाकर 10-12 साल करने की मांग
- पेंशन में समय-समय पर संशोधन की व्यवस्था
कब आएगी रिपोर्ट?
माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग अगले 18 महीनों में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है। हालांकि इसे लागू करने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार की कैबिनेट ही लेगी।
















