सरकार Snapchat, X जैसे सोशल मीडिया ऐप्स के साथ-साथ गेमिंग और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर KYC अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संबंध में जल्द ही सख्त कानून लाया जा सकता है। एक संसदीय समिति ने फर्जी अकाउंट्स के जरिए बढ़ते साइबर क्राइम पर रोक लगाने के लिए यह सुझाव दिया है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई राज्यों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए न्यूनतम उम्र तय करने की पहल की जा रही है, ताकि कम उम्र के बच्चे इन प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग न कर सकें।
बैंक की तरह हो सकती है KYC प्रक्रिया
प्रस्ताव के अनुसार, जैसे बैंक खाता खोलने या नया सिम कार्ड लेने के लिए KYC जरूरी होती है, उसी तरह सोशल मीडिया, गेमिंग और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाने के लिए भी KYC लागू की जा सकती है। इससे फर्जी अकाउंट्स पर नियंत्रण मिलेगा और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
संसदीय समिति का मानना है कि बच्चों और महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा को देखते हुए यह कदम जरूरी हो गया है। हाल के समय में फर्जी अकाउंट्स के जरिए उत्पीड़न, धोखाधड़ी और पहचान चोरी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
फर्जी अकाउंट्स पर लगेगा लगाम
KYC लागू होने से यह पता लगाना आसान होगा कि किसी फर्जी अकाउंट के पीछे असली व्यक्ति कौन है। फिलहाल, KYC नहीं होने के कारण साइबर अपराधों में शामिल लोगों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
साइबर स्टॉकिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और बिना अनुमति निजी तस्वीरें शेयर करने जैसे मामलों में भी असली यूजर की पहचान करना चुनौतीपूर्ण होता है। KYC व्यवस्था लागू होने पर ऐसे अकाउंट्स को ट्रैक करना आसान हो जाएगा।
एज वेरिफिकेशन में भी मिलेगी मदद
संसदीय समिति ने यह भी कहा है कि KYC के जरिए उम्र की पुष्टि (एज वेरिफिकेशन) करना आसान होगा। सोशल मीडिया के अलावा गेमिंग और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर कई बार लोग अपनी उम्र छिपाकर गलत गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
ऐसे में KYC लागू होने से न सिर्फ फर्जी अकाउंट्स पर रोक लगेगी, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को ज्यादा सुरक्षित बनाने में भी मदद मिलेगी।















