अयोध्या में सरयू नदी किनारे स्थित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ स्थल पर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि सरयू किनारे महायज्ञ का आयोजन किया गया था, जहां एक पंडाल में आग लगने की सूचना मिली थी। तुरंत फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजा गया और आग को नियंत्रित कर लिया गया।
कोई हानि नहीं हुई
प्रशासन के मुताबिक इस घटना में किसी तरह की जनहानि, पशुहानि या अन्य बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। यज्ञ समाप्त हो चुका था और यज्ञशाला खाली पड़ी थी, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात रहीं, जबकि प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
यज्ञ खत्म होने के बाद लगी आग
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 12 बजे आग लगी, जिसने करीब एक एकड़ में फैले पंडाल को कुछ ही मिनटों में जलाकर राख कर दिया। यह स्थल राम मंदिर से करीब 800 मीटर दूर स्थित है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अनुष्ठान के बाद नारियल फोड़ते समय निकली चिंगारी से कपड़े के पंडाल में आग लगी होगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यहां 1,251 हवन कुंड बनाए गए थे और अंतिम दिन 5,000 से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद अधिकांश लोग जा चुके थे, इसलिए एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
















