गर्मी का मौसम सिर्फ पसीना और थकान ही नहीं लाता, बल्कि सेहत पर भी असर डालता है। तेज धूप में निकलते ही शरीर में पानी की कमी तेजी से होने लगती है, जिसे अक्सर लोग हल्के में ले लेते हैं। लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर किडनी स्टोन जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि गर्मियों में यह खतरा क्यों बढ़ता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
गर्मियों में क्यों बढ़ता है किडनी स्टोन का खतरा ?
जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है। अगर इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पिया जाए, तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे किडनी को सही तरीके से काम करने में दिक्कत होती है।
पानी की कमी के कारण पेशाब कम होने लगता है और वह गाढ़ा हो जाता है। इसमें कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड जैसे तत्व जमा होने लगते हैं, जो धीरे-धीरे मिलकर पथरी का रूप ले लेते हैं। यही वजह है कि गर्मियों में किडनी स्टोन के मामले तेजी से बढ़ते हैं।
किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है ?
किडनी स्टोन का जोखिम उन लोगों में ज्यादा होता है जो कम पानी पीते हैं, पहले पथरी की समस्या झेल चुके हैं या जिनके परिवार में इसका इतिहास है। इसके अलावा ज्यादा नमक, नॉन-वेज प्रोटीन और ऑक्सालेट वाली चीजें खाने वाले लोग, मोटापा या मेटाबॉलिक समस्या से परेशान लोग और बार-बार यूरिन इन्फेक्शन से जूझने वाले लोगों में भी इसका खतरा अधिक रहता है।
बचाव के आसान उपाय
इस समस्या से बचने के लिए रोजाना 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं। पेशाब के रंग पर ध्यान रखें—अगर रंग गहरा है तो यह पानी की कमी का संकेत हो सकता है। नमक और तली-भुनी चीजों का सेवन कम करें और ज्यादा प्रोटीन वाली डाइट से बचें।
साथ ही नींबू, संतरा जैसे साइट्रेट वाले फल अपनी डाइट में शामिल करें। तेज गर्मी में भारी एक्सरसाइज करने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो गर्मियों में किडनी स्टोन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।)
















