सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार मार्च महीने में Goods and Services Tax (GST) कलेक्शन में 8.8% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह आंकड़ा 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी में घरेलू खपत और आयात से मिलने वाले टैक्स का बड़ा योगदान रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 में कुल GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपये था। वहीं इस बार घरेलू राजस्व 5.9% बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। दूसरी ओर, आयात से होने वाली वसूली में 17.8% की तेज बढ़त दर्ज की गई, जो बढ़कर 53,861 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
शुद्ध GST कलेक्शन भी बढ़ा
मार्च के दौरान रिफंड जारी करने में भी 13.8% की वृद्धि देखी गई और यह 22,074 करोड़ रुपये हो गया। रिफंड समायोजन के बाद शुद्ध GST कलेक्शन करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 8.2% अधिक है।
पूरे वित्त वर्ष में भी मजबूत प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल GST कलेक्शन 8.3% बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा। वहीं रिफंड के बाद शुद्ध राजस्व 7.1% बढ़कर 19.34 लाख करोड़ रुपये हो गया।
क्या है GST?
GST यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स भारत का एक प्रमुख अप्रत्यक्ष कर है, जिसने कई पुराने टैक्स सिस्टम को खत्म कर एक समान कर व्यवस्था लागू की। इसमें एक्साइज ड्यूटी, वैट और सर्विस टैक्स जैसे टैक्स शामिल थे। इसे 1 जुलाई 2017 से पूरे देश में लागू किया गया था।
शुरुआती दौर में कैसा रहा कलेक्शन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2017 से मार्च 2018 के बीच GST के तहत कुल 7.19 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था, जो नई टैक्स व्यवस्था के शुरुआती महीनों में मजबूत राजस्व का संकेत देता है।
















