2 अप्रैल 2026 की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद कमजोर रही। वैश्विक संकेतों में अस्थिरता और अमेरिका से जुड़े घटनाक्रमों का असर साफ तौर पर बाजार पर देखने को मिला। गुरुवार को बाजार खुलते ही तेज बिकवाली शुरू हो गई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट से निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया है।
सेंसेक्स करीब 1,414.02 अंक टूटकर 71,720.30 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी भी 449.35 अंकों की गिरावट के साथ 22,230.05 पर पहुंच गया। बाजार की स्थिति कमजोर रही, जहां केवल 559 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1,914 शेयर गिरावट में कारोबार करते नजर आए। इससे साफ है कि लगभग सभी सेक्टर दबाव में रहे।
गिरावट के दौरान कई बड़े शेयरों में भी तेज कमजोरी देखने को मिली। सन फार्मा में भारी बिकवाली हुई, जबकि इंडिगो के शेयर भी दबाव में रहे। इसके अलावा श्रीराम फाइनेंस और इटर्नल जैसे वित्तीय शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
इस गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिका से आया बयान माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ अगले कुछ हफ्तों में सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ी है और कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी आई है, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। जब तक बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक नई खरीदारी से बचना बेहतर होगा। निफ्टी का 22,300 के नीचे जाना कमजोर संकेत माना जा रहा है और अगर दबाव जारी रहा तो बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
















