परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) बनवाने की प्रक्रिया अब पहले जैसी आसान नहीं रही है। आयकर विभाग ने पैन जारी करने के नियमों में बदलाव करते हुए दस्तावेजों की सूची को बढ़ा दिया है। पहले जहां आधार और ओटीपी के जरिए घर बैठे आसानी से पैन बन जाता था, अब कई मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज और सख्त वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है।
नई व्यवस्था में आधार कार्ड अब भी जरूरी है, लेकिन इसके साथ अन्य वैध दस्तावेज भी देने होंगे। यानी अब केवल आधार के भरोसे पैन बनवाना संभव नहीं होगा, बल्कि पूरी पहचान का प्रमाण देना अनिवार्य होगा।
आवेदन प्रक्रिया हुई सख्त
अब हर आवेदन के लिए सिर्फ ओटीपी आधारित प्रक्रिया पर्याप्त नहीं होगी। कई मामलों में अतिरिक्त जांच की जाएगी, ताकि फर्जी या एक से ज्यादा पैन बनने की संभावना को रोका जा सके। साथ ही आवेदन फॉर्म और प्रक्रिया को समय-समय पर अपडेट किया जा रहा है।
पैन-आधार लिंक जरूरी
पैन और आधार को लिंक करना अब भी अनिवार्य है। अगर दोनों लिंक नहीं हैं, तो पैन निष्क्रिय हो सकता है। इससे आयकर रिटर्न भरने, बैंकिंग और निवेश से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही अगर पैन और आधार में दी गई जानकारी अलग-अलग है, तो भी परेशानी हो सकती है, इसलिए दोनों में जानकारी का मिलान जरूरी है।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
- पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस
- जन्मतिथि प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस
- पता प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, बिजली या पानी का बिल
- नाम बदलने की स्थिति में: मैरिज सर्टिफिकेट या गजट नोटिफिकेशन
इन नए नियमों के बाद साफ है कि अब पैन बनवाने की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
















