बिलासपुर जिले में जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जहां एक ओर तैयारियां तेज की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर लोगों को ठगी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। प्रशासन ने साफ कहा है कि जनगणना एक सुरक्षित और गोपनीय प्रक्रिया है, इसलिए नागरिक बिना डर के सही जानकारी दें।
फिलहाल मकानों का चिन्हांकन और शुरुआती सर्वे का काम किया जा रहा है। इसमें घर के सदस्यों की संख्या, मकान मालिक और परिवार की बुनियादी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद 1 मई 2026 से हाउस लिस्टिंग और आवास जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जो सितंबर तक चलेगा। इससे वार्ड और इलाकों का वर्गीकरण आसान होगा और कर्मचारियों को जिम्मेदारी बांटने में सुविधा मिलेगी।
सही जानकारी देना जरूरी
एडीएम Shiv Banerjee ने लोगों से अपील की है कि वे जनगणना कर्मचारियों को पूरी और सही जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय होती है और इसका इस्तेमाल सिर्फ सरकारी योजनाओं और आंकड़ों के लिए किया जाता है।
पहचान पत्र जरूर जांचें
प्रशासन ने कहा है कि जनगणना कर्मचारी के पास वैध आईडी कार्ड और आदेश-पत्र होना जरूरी है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि जानकारी देने से पहले कर्मचारी की पहचान जरूर जांच लें। असली कर्मचारी केवल सामान्य जानकारी ही लेते हैं।
OTP या बैंक डिटेल नहीं मांगी जाएगी
जनगणना के दौरान कोई भी कर्मचारी ओटीपी, बैंक डिटेल, पासवर्ड या पिन नहीं मांगता। अगर कोई ऐसा करता है, तो यह ठगी हो सकती है। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।
ऑनलाइन सुविधा भी मिलेगी
इस बार जनगणना में लोगों को खुद ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प भी दिया जाएगा। इसके बाद अधिकारी सिर्फ वेरिफिकेशन करेंगे। इससे प्रक्रिया आसान और ज्यादा पारदर्शी बनेगी।
प्रशासन का कहना है कि जनगणना एक अहम प्रक्रिया है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। सही जानकारी देने से ही योजनाओं का लाभ लोगों तक सही तरीके से पहुंच पाता है, इसलिए सतर्क रहते हुए सहयोग करना जरूरी है।
















