छत्तीसगढ़ समेत बिहार और आंध्र प्रदेश के यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रक्सौल-तिरुपति स्पेशल ट्रेन को अब नियमित ट्रेन के रूप में चलाने की मंजूरी मिल गई है। इस फैसले से खासकर उन श्रद्धालुओं को फायदा होगा, जो तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए अक्सर यात्रा करते हैं।
रेल मंत्री ने दी मंजूरी
बिहार के एक सांसद ने यात्रियों की सुविधा और तिरुपति जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस ट्रेन को नियमित करने की मांग की थी। अब रेलवे मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
छत्तीसगढ़ के स्टेशनों को मिलेगा फायदा
ट्रेन के नियमित होने से छत्तीसगढ़ के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यह ट्रेन अपने रूट पर बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे यहां से यात्रा करना और आसान हो जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधा
हर साल बड़ी संख्या में लोग तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए जाते हैं। अब ट्रेन नियमित होने से उन्हें स्पेशल ट्रेन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे पहले से यात्रा की योजना बना सकेंगे।
आरक्षण में होगी आसानी
नियमित ट्रेन बनने के बाद यात्रियों को एडवांस में टिकट बुक करने की बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे सीट मिलने की परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी।
किराए में भी मिल सकती है राहत
आमतौर पर स्पेशल ट्रेनों का किराया ज्यादा होता है, लेकिन अब नियमित ट्रेन बनने के बाद यात्रियों को सामान्य किराए का फायदा मिल सकता है। इससे यात्रा और किफायती हो जाएगी।
जल्द जारी होगी टाइम टेबल
रेलवे विभाग के अनुसार, ट्रेन के नियमित संचालन की तारीख और पूरी समय सारणी जल्द जारी की जाएगी। इसके बाद यात्री आसानी से अपनी यात्रा प्लान कर सकेंगे।
रक्सौल-तिरुपति ट्रेन का नियमित संचालन बिहार, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इससे कनेक्टिविटी बेहतर होगी और धार्मिक यात्राओं को भी बढ़ावा मिलेगा।















