शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का असर देश की बड़ी कंपनियों पर भी दिख रहा है। बीते हफ्ते टॉप-10 कंपनियों में से 6 कंपनियों का मार्केट कैप कुल मिलाकर करीब ₹65,000 करोड़ घट गया। इस गिरावट में सबसे बड़ा झटका टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल को लगा, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
बीएसई का सेंसेक्स बीते हफ्ते 263 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 106 अंकों तक फिसला। यह लगातार छठा हफ्ता है जब बाजार कमजोरी का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों की वजह से बाजार अस्थिर बना हुआ है।
भारती एयरटेल को सबसे बड़ा नुकसान
मार्केट कैप में सबसे ज्यादा गिरावट भारती एयरटेल की रही। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹29,993 करोड़ घटकर ₹10.20 लाख करोड़ पर आ गया। इसके अलावा ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, HDFC बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों की वैल्यू में भी गिरावट दर्ज की गई।
किन कंपनियों को हुआ नुकसान?
- ICICI बैंक: ₹12,845 करोड़ की गिरावट
- बजाज फाइनेंस: ₹11,169 करोड़ का नुकसान
- HDFC बैंक: ₹7,822 करोड़ की कमी
- हिंदुस्तान यूनिलीवर: ₹2,349 करोड़ की गिरावट
- SBI: ₹553 करोड़ का नुकसान
इन आंकड़ों से साफ है कि बड़े-बड़े दिग्गज भी बाजार की कमजोरी से अछूते नहीं रहे।
कुछ कंपनियों ने दिखाई मजबूती
जहां कुछ कंपनियों को नुकसान हुआ, वहीं कुछ ने अच्छा प्रदर्शन भी किया। टीसीएस, इंफोसिस, लार्सन एंड टुब्रो और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप में बढ़ोतरी देखने को मिली। रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है।
क्यों आई बाजार में गिरावट?
- अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
- विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली
- रुपये में कमजोरी
- महंगाई को लेकर चिंता
इन सभी कारणों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया और बाजार पर दबाव बढ़ाया।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा हालात में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहना चाहिए और लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए।
















