छत्तीसगढ़ के चर्चित जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा मोड़ आया है। बिलासपुर से सामने आए इस मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा दी है। कोर्ट के आदेश में साफ तौर पर उम्रकैद का जिक्र किया गया है, जिससे लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। इस फैसले को राज्य के एक बड़े और संवेदनशील मामले के तौर पर देखा जा रहा है।
सीएम साय ने फैसले का किया स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का निर्णय सराहनीय है और “देर आए, दुरुस्त आए” की कहावत को सही साबित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमित जोगी इस मामले में मुख्य आरोपी रहे हैं और अब न्याय की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं पीड़ित परिवार ने राहत की भावना जताई है।
कोर्ट ने पहले भी माना था दोषी
इससे पहले हाईकोर्ट ने अमित जोगी को 2003 में राकांपा नेता रामावतार जग्गी की हत्या के मामले में दोषी ठहराया था और उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। अब आदेश की कॉपी भी पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून 2003 को हुई थी, उस समय अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे। शुरुआत में मामले की जांच राज्य पुलिस ने की, लेकिन 2003 में सत्ता परिवर्तन के बाद इसे सीबीआई को सौंप दिया गया। सीबीआई ने अमित जोगी समेत कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
रायपुर की एक अदालत ने 31 मई 2007 को 28 आरोपियों को दोषी माना, लेकिन अमित जोगी को बरी कर दिया था। इस फैसले को सीबीआई ने चुनौती दी, लेकिन 2011 में हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। बाद में छत्तीसगढ़ सरकार और मृतक के बेटे की याचिकाएं भी खारिज हो गईं। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामले पर फिर से सुनवाई हुई, जिसके बाद अब यह बड़ा फैसला सामने आया है।
कौन थे रामावतार जग्गी?
रामावतार जग्गी छत्तीसगढ़ के कारोबारी और सक्रिय राजनीतिक व्यक्ति थे। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। जब शुक्ल ने कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जॉइन की, तो जग्गी भी उनके साथ जुड़ गए और उन्हें पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था। उनकी राजनीतिक पकड़ के चलते वे क्षेत्र में एक प्रभावशाली चेहरा माने जाते थे।
















