देश में वित्तीय समावेशन को नई रफ्तार देने वाली जन धन योजना ने एक और बड़ा रिकॉर्ड छू लिया है:
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जन धन खातों में कुल जमा राशि लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. औसतन हर खाते में करीब 4,800 रुपये से अधिक की रकम मौजूद है, जो इस योजना की व्यापकता को दर्शाता है.एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से 3.67 लाख करोड़ रुपये सीधे पात्र लोगों के खातों में भेजे गए हैं. उनके अनुसार, लाभार्थियों तक सीधे धनराशि पहुंचने से न सिर्फ समय की बचत हुई है, बल्कि लेन-देन की पारदर्शिता भी काफी बढ़ी है.उन्होंने यह भी बताया कि जन धन खातों में से करीब 78% खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में खोले गए हैं। इसके अलावा, महिलाओं के नाम पर लगभग आधे खाते दर्ज हैं, जो ग्रामीण परिवारों की आर्थिक भागीदारी को मजबूत बना रहे हैं.विशेषज्ञों का मानना है कि 2014 में इस मिशन की शुरुआत ने देश की वित्तीय पहुंच को नई दिशा दी और आज करोड़ों परिवार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली का हिस्सा बन चुके हैं. यह यात्रा आर्थिक सशक्तिकरण की बड़ी मिसाल मानी जा रही है.
पीएम जन धन योजना की शुरुआत कब हुई:
देश में हर परिवार को औपचारिक बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से यह योजना अगस्त 2014 में शुरू की गई. इसका लक्ष्य था कि आम लोगों तक सरकारी लाभ सीधे पहुंच सके और आर्थिक ढांचे में उन नागरिकों को भी शामिल किया जा सके जो पहले बैंकिंग व्यवस्था से दूर थे.इस पहल के माध्यम से बिना न्यूनतम बैलेंस वाले खातों की सुविधा दी गई. साथ ही खाताधारकों को डेबिट कार्ड, दुर्घटना बीमा कवर, और जरूरत पड़ने पर ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं.यह योजना धीरे-धीरे देश में वित्तीय पहुंच को मजबूत करने का अहम साधन बन गई.
जन धन खातों में जमा राशि 2.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची :
ताजा आंकड़ों के अनुसार, देशभर के जन धन खातों में कुल जमा राशि लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये हो गई है.विशेष रूप से, 78% से अधिक खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लोगों से जुड़े हैं, जबकि लगभग आधे खाते महिलाओं के नाम पर हैं. यह संकेत है कि योजना ने ग्रामीण और महिलाओं तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच को मजबूती से स्थापित किया है.
















