आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियमों का स्वागत किया है। उन्होंने इसे गिग वर्कर्स के लंबे संघर्ष की दिशा में पहला अहम कदम बताया और कहा कि इससे उनके काम को पहचान, सुरक्षा और सम्मान मिलेगा।
क्या हैं नए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियम?

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने हाल ही में Code on Social Security (Central) Rules, 2025 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स किन शर्तों पर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के पात्र होंगे।
इन नियमों का मकसद गिग इकोनॉमी से जुड़े लाखों कामगारों को कानूनी दायरे में लाकर उन्हें बुनियादी सुरक्षा देना है।
“यह छोटी जीत है, लेकिन जरूरी है”
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई। केंद्र सरकार के ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियम आपके काम की पहचान, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में पहला कदम हैं। आपकी आवाज भले ही कुछ कंपनियों ने न सुनी हो, लेकिन सरकार ने जरूर सुनी है।
गिग वर्कर्स को मिलेगा यूनिक पहचान नंबर
नए नियमों के तहत गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता दी जाएगी और उन्हें यूनिक आईडेंटिटी नंबर मिलेगा। इससे वे सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों से सीधे जुड़ सकेंगे।
सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 में मिली परिभाषा
Code on Social Security, 2020 में पहली बार ‘गिग वर्कर’ और ‘प्लेटफॉर्म वर्कर’ की स्पष्ट परिभाषा दी गई। इसके तहत इन सुविधाओं के लिए योजनाएं बनाई जा सकती हैं:
- जीवन और विकलांगता बीमा
- दुर्घटना बीमा
- स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ
- वृद्धावस्था सुरक्षा
- अन्य कल्याणकारी योजनाएं
सोशल सिक्योरिटी फंड और नेशनल बोर्ड का प्रावधान
इस कानून के तहत गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए Social Security Fund और National Social Security Board बनाने का प्रावधान है, जिससे उनकी योजनाओं की निगरानी और वित्तीय सहायता सुनिश्चित की जा सके।
e-Shram पोर्टल से पहले ही जुड़े लाखों श्रमिक
26 अगस्त 2021 को लॉन्च किए गए e-Shram पोर्टल के जरिए असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिक—जिनमें गिग वर्कर्स भी शामिल हैं—पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकरण के बाद उन्हें UAN नंबर दिया जाता है।
योजनाओं तक पहुंच हुई आसान
21 अक्टूबर 2024 को लॉन्च किए गए e-Shram One-Stop Solution से अब कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिससे गिग वर्कर्स को लाभ लेने में आसानी होगी।
















