रायगढ़, 07 जनवरी 2026।
उर्दना बस्ती में मारपीट और धारदार हथियार से हमले के मामले में कोतवाली पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे दो आरोपियों को आज 07 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस प्रकरण के मुख्य आरोपी दीपक चौहान को घटना के अगले ही दिन कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर पहले ही न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
घटना को लेकर पीड़ित नीरज मिंज पिता मानसिंह मिंज उम्र 23 वर्ष निवासी उर्दना बस्ती रायगढ़ ने 21 दिसंबर 2025 को थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 21 दिसंबर की रात वह अपने पड़ोसी शिवराज मिंज के साथ बैठकर बातचीत कर रहा था, तभी दीपक चौहान अपने दो साथियों आशिक कुजूर और राकेश कुजूर के साथ स्कूटी से वहां पहुंचा। आरोपियों के हाथ में टांगी जैसी धारदार हथियार था। तीनों ने खाने-पीने के लिए पैसों की मांग की और पैसे न होने की बात कहने पर गाली-गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
इसी दौरान आरोपी दीपक चौहान ने अपने हाथ में रखी टांगी से शिवराज मिंज के दाहिने कंधे पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर सुनकर परिजन एवं आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी स्कूटी से मौके से फरार हो गए। पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली रायगढ़ में अपराध क्रमांक 667/2025 अंतर्गत धारा 119(1), 296, 351(2), 115(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी ने मुख्य आरोपी दीपक चौहान पिता पिताम्बर चौहान उम्र 21 वर्ष निवासी ढिमरापुर चौक, दीनदयाल कॉलोनी रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था। घटना के बाद से फरार चल रहे उसके दो साथी आशिक कुजूर और राकेश कुजूर की लगातार तलाश की जा रही थी। आज 07 जनवरी 2026 को दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध करना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में
1. आशिक कुजूर पिता सिलवेस्टर कुजूर उम्र 24 वर्ष निवासी उर्दना डीपापारा रायगढ़ एवं
2. राकेश कुजूर पिता संजय कुजूर उम्र 22 वर्ष निवासी दीनदयाल कॉलोनी ढिमरापुर चौक रायगढ़ शामिल हैं।
दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा तथा हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।















