गलत नाम, जन्मतिथि और पते के आधार पर फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने के दो मामले सामने आने के बाद खुफिया विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। इनमें एक मामला मुट्ठीगंज और दूसरा करेली इलाके का है। जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी फर्जी पासपोर्ट के सहारे दुबई में काम कर रहा है।
दोनों मामलों की जांच क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ के वरिष्ठ अधीक्षक (पॉलिसी) के पत्र पर पुलिस ने की थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिन दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, उनके पास पहले से वैध पासपोर्ट मौजूद था, इसके बावजूद दूसरा पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। खुफिया विभाग को आशंका है कि इस तरह के और भी मामले हो सकते हैं, जिसे लेकर गोपनीय रूप से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
खुफिया एजेंसी आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) ने कुछ समय पहले डीसीपी नगर को मुट्ठीगंज निवासी मो. आमिर के बारे में जानकारी देने के लिए पत्र भेजा था। एजेंसी ने पूछा था कि उसका पासपोर्ट किस नाम से जारी किया गया है और रिपोर्ट मांगी थी।
डीसीपी के निर्देश पर गऊघाट मुट्ठीगंज चौकी प्रभारी लवकुश कुमार ने जांच की, जिसमें पता चला कि मो. आमिर असल में मौजूद ही नहीं है। पासपोर्ट में जिस व्यक्ति की फोटो लगी थी, वह मो. आमिल है।
मो. आमिल का पहला पासपोर्ट 22 सितंबर 1993 को पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ से जारी किया गया था। इसमें पिता का नाम स्व. मो. सईद और जन्मतिथि 12 अगस्त 1978 दर्ज था।
इसके बाद उसने दूसरा पासपोर्ट 3 दिसंबर 2016 को बनवाया, जिसमें नाम मो. आमिर पुत्र मो. सईद और जन्मतिथि 1 फरवरी 1967 लिखी गई। यह पासपोर्ट 2 दिसंबर 2026 तक वैध है। इस समय मो. आमिर/आमिल इसी पासपोर्ट के जरिए दुबई में कार्यरत है।
इसी तरह, हाल ही में वरिष्ठ अधीक्षक (पॉलिसी), क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ ने करेली के दो पासपोर्ट की जांच के लिए जिले के पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजा था। करेली थाने में तैनात उपनिरीक्षक विजय प्रकाश यादव ने जांच में पाया कि दोनों पासपोर्ट मो. बेलाल के नाम पर जारी किए गए थे और दोनों में उसकी फोटो लगी थी।
पिता का नाम दोनों में समान था, लेकिन जन्मतिथि और घर का पता अलग-अलग दर्ज किया गया था। मो. बेलाल ने पहला पासपोर्ट 2019 में बनवाया था, जिसमें जन्मतिथि 1 दिसंबर 2005 और पता सुल्तानपुर भावा लिखा गया था। यह पासपोर्ट 13 नवंबर 2023 तक वैध था।
इसके बाद मो. बेलाल ने दूसरा पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया, जिसमें जन्मतिथि 1 दिसंबर 2003 और पता सुल्तानपुर भावा, नूरुल्ला रोड लिखा गया। यह पासपोर्ट 28 नवंबर 2024 को जारी हुआ और 27 नवंबर 2034 तक वैध रहेगा। दोनों मामलों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
















