शेयर बाजार (Share Market) में लगातार छठे दिन गिरावट का दौर जारी है। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 25,500 के नीचे फिसल गया है, जबकि सेंसेक्स करीब 600 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। कमजोर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। बीते 6 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 2,900 अंकों से ज्यादा टूट चुका है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है कि आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि निफ्टी और सेंसेक्स में मौजूदा स्तरों से और कितनी गिरावट संभव है, या फिर किन अहम लेवल्स से बाजार में रिकवरी और खरीदारी देखने को मिल सकती है।
बाजार में गिरावट के बड़े कारण
जियो-पॉलिटिकल टेंशन:वेनेजुएला संकट के बाद ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों के चलते अस्थिरता की आशंका बढ़ने से भू-राजनीतिक तनाव और गहरा गया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह ईरान के मुद्दे पर संभावित विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
लगातार FIIs की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। 9 जनवरी, शुक्रवार को भी FIIs ने 3,769.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भी बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। ब्रेंट क्रूड 0.24 प्रतिशत बढ़कर 63.49 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का खतरा बना रहता है और इसका मार्केट पर सीधा असर होता है।
ट्रेड डील और टैरिफ का डर: इंडिया और यूएस के बीच ट्रेड डील को लेकर अब तक कोई सहमति नहीं बनी है। इस बीच प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने वाले बिल को सहमति दे दी है। इससे बाजार के सेंटिमेंट और कमजोर हुए हैं।
Nifty के लिए अहम लेवल
Nifty के लिए 25400 से 25500 का स्तर अहम सपोर्ट है। वहीं, 25600 से 25700 पर रेजिस्टेंस है, अगर यह लेवल निफ्टी ब्रेक करता है तो 26000 के स्तर देखने को मिल सकते हैं।
निफ्टी के 25400 के नीचे जाने की संभावना कम है। अगर कोई बहुत बुरी खबर या ट्रिगर सामने आता है तब ही निफ्टी इस लेवल के नीचे जाएगा।
(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
















