बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि खारान शहर में हुई मुठभेड़ के दौरान उसके लड़ाकों ने बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। BLF ने अपने बयान में पाकिस्तानी प्रशासन और सेना के पहले दिए गए दावों को नकारते हुए कहा कि लड़ाई के बाद पाकिस्तानी सैनिक अपने साथियों के शव छोड़कर भाग गए।
द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, BLF ने बताया कि 15 जनवरी को दोपहर करीब 2:30 बजे खारान में पूरी तैयारी के साथ बड़ा हमला किया गया। संगठन का दावा है कि उसके लड़ाकों ने पुलिस स्टेशन समेत शहर के कई हिस्सों पर कब्जा कर लिया और बैंकों व सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया।
पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान का दावा
BLF के मुताबिक, करीब 9 घंटे तक चली इस लड़ाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। संगठन का कहना है कि इस दौरान 50 से ज्यादा सैनिक मारे गए और कई घायल हुए। घायलों में कर्नल वाधन और मेजर असीम के नाम भी शामिल बताए गए हैं।
BLF ने कहा कि उसके लड़ाकों ने सबसे पहले खारान सिटी पुलिस स्टेशन पर हमला कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। यहां मौजूद कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया, सरकारी हथियार और सामान जब्त किए गए, कैदियों को रिहा किया गया और इमारत, रिकॉर्ड तथा पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।
हथियार जब्त करने का भी दावा
बयान के मुताबिक, एक अन्य यूनिट ने खारान के मुख्य बाजार में घुसकर नेशनल बैंक, मीजन बैंक, अल हबीब बैंक और अन्य सरकारी संस्थानों को निशाना बनाया। BLF ने दावा किया कि इस दौरान एक बैंक के सुरक्षा गार्ड ने विरोध किया, जिसे मार दिया गया।
संगठन ने यह भी बताया कि उसकी कुरबान यूनिट ने रेड जोन में एक चेक-पॉइंट बनाकर तीन गाड़ियों वाले सैन्य काफिले पर घात लगाकर हमला किया। इसमें 15 सैनिकों के मारे जाने और सभी गाड़ियों के नष्ट होने का दावा किया गया। BLF का कहना है कि मारे गए सैनिकों से हथियार भी कब्जे में लिए गए।
शव छोड़कर भागने का आरोप
BLF के अनुसार, रेड जोन में करीब तीन घंटे तक और भी झड़प हुई, जिसमें दो बख्तरबंद वाहन तबाह हो गए और 27 अन्य सैनिक मारे गए। संगठन का दावा है कि इसके बाद बाकी सैनिक अपने साथियों के शव छोड़कर पीछे हट गए।
बयान में आगे कहा गया कि शाम करीब 7 बजे कुलान इलाके में एक अन्य सैन्य काफिले पर हमला किया गया, जिसमें SSG कमांडो बटालियन शामिल थी। यह लड़ाई रात 1 बजे तक चली। BLF के मुताबिक, इस दौरान तीन और सैन्य वाहन नष्ट हुए, कई सैनिक मारे गए, जिनमें 8 SSG कमांडो भी शामिल हैं। संगठन ने यह भी दावा किया कि लड़ाई के दौरान 8 क्वाडकॉप्टर ड्रोन मार गिराए गए।
BLF ने अपने नुकसान को स्वीकार करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन में उसके 4 लड़ाके मारे गए और पहाड़ी इलाकों में लौटते समय ड्रोन हमलों में और नुकसान हुआ।
ISPR के बयान को नकारा
BLF ने कहा कि उसके मारे गए लड़ाकों में से 4 में से 3 के शव निकालकर दफनाए जा चुके हैं। संगठन ने पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग ISPR के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि हमले में 12 हमलावर मारे गए और सेना ने हालात पर काबू पा लिया।
















