हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच हाल ही में शुरू की गई देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में आम यात्रियों को कई खास सुविधाएं मिलेंगी। सबसे अहम बात यह है कि इस ट्रेन के रिजर्वेशन में किसी तरह का वीआईपी कोटा नहीं रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया बंगाल दौरे के दौरान शनिवार को मालदा से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस पूरी तरह आम लोगों के लिए चलाई जा रही ट्रेन है। इसमें न तो वीआईपी कोटा होगा और न ही इमरजेंसी कोटा। यहां तक कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी अपने पद के आधार पर इस ट्रेन में यात्रा नहीं कर सकेंगे। टिकट बुकिंग में सभी यात्रियों के लिए एक जैसे नियम लागू होंगे।
केवल कंफर्म टिकट पर ही मिलेगी यात्रा की अनुमति
इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को सिर्फ कंफर्म टिकट ही दिया जाएगा। वेटिंग लिस्ट और आरएसी टिकट की सुविधा इसमें नहीं होगी, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि यह कदम रेल यात्रा में वीआईपी संस्कृति को खत्म करने की दिशा में उठाया गया है।
गौरतलब है कि सामान्य ट्रेनों में मंत्रियों, सांसदों और रेलवे अधिकारियों के लिए अलग से कोटा तय रहता है, जिसके तहत प्रतीक्षा सूची के टिकट बाद में कंफर्म हो जाते हैं। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं होगी।
कोच और सीटों की जानकारी
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में थर्ड एसी के 11 कोच, सेकंड एसी के चार कोच और फर्स्ट एसी का एक कोच शामिल होगा। कुल मिलाकर ट्रेन में 823 बर्थ होंगी। इनमें थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 बर्थ शामिल हैं। इसके अलावा, यात्रियों को यात्रा के दौरान स्थानीय भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
















