रायगढ़, 21 जनवरी 2026/
जिले के धान उपार्जन केंद्र तमनार में धान खरीदी के दौरान गंभीर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जिला नोडल अधिकारी, धान उपार्जन केंद्र तमनार की रिपोर्ट के अनुसार 19 जनवरी 2026 को कृषक चन्द्रमणी पिता हरीशचंद्र, निवासी झिंकाबहाल, धान बेचने के लिए उपार्जन केंद्र पहुंचा था। शुरुआती जांच में 85 बोरी धान अमानक पाए जाने पर उन्हें अलग कर दिया गया, जबकि बाकी मानक धान की नमी जांच कर बोरी में भरकर वजन कराया गया। जांच में कुल 383 बोरी धान का वजन सही पाया गया और समिति प्रबंधक को उसी अनुसार खरीदी के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, समिति के रजिस्टर और कंप्यूटर रिकॉर्ड की जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। जांच में यह पाया गया कि समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर ने किसान के नाम पर 662 बोरी धान (264.80 क्विंटल) की खरीदी दर्ज कर दी, जबकि वास्तव में केवल 383 बोरी धान ही खरीदी योग्य थी। इस तरह 279 बोरी धान (111.6 क्विंटल) की फर्जी खरीदी दर्ज होना स्पष्ट हुआ। यह मामला छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी धान खरीदी के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित तमनार (पंजीयन क्रमांक 241) के डाटा एंट्री ऑपरेटर श्री अमित साव को गंभीर लापरवाही और अनियमितता के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं धान खरीदी केंद्र तमनार के फड़ प्रभारी श्री हरेराम सिदार को भी कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर धान खरीदी कार्य से तुरंत हटा दिया गया है।
कलेक्टर ने साफ कहा है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता सर्वोपरि है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने, फर्जी प्रविष्टि करने या शासन के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सभी उपार्जन केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधितों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
















