हिंदू धर्म में केदारनाथ मंदिर का विशेष महत्व है। हर साल लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए लंबी यात्रा कर यहां पहुंचते हैं। बाबा केदार के दर्शन का अनुभव भक्तों के लिए बेहद भावुक और आध्यात्मिक होता है। इसी बीच केदारनाथ धाम को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जिसकी जानकारी यात्रियों के लिए जरूरी है।
अब केदारनाथ मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान मोबाइल फोन और कैमरे के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की तैयारी की जा रही है। अगर आप आने वाले दिनों में केदारनाथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह नियम जान लेना आपके लिए जरूरी है।
क्यों लगाया जा रहा है मोबाइल और कैमरे पर प्रतिबंध?
दरअसल, हाल के वर्षों में मंदिर परिसर में रील और फोटो बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। कई श्रद्धालु दर्शन के बजाय मोबाइल निकालकर वीडियो और तस्वीरें लेने में व्यस्त रहते हैं। इससे न सिर्फ मंदिर की परंपरा और गरिमा प्रभावित होती है, बल्कि अन्य भक्तों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भीड़ नियंत्रण में भी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन की चिंता बढ़ी है।
*नियमों का सख्ती से होगा पालन*
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया है कि मंदिर समिति के साथ मिलकर मोबाइल बैन को लेकर ठोस योजना तैयार की जा रही है। उनका कहना है कि मंदिर परिसर में मोबाइल का इस्तेमाल श्रद्धालुओं को असुविधा में डालता है। इस बार नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
बिना मोबाइल कैसे करेंगे दर्शन?
मोबाइल प्रतिबंध का मतलब यह नहीं है कि श्रद्धालु यात्रा में फोन साथ नहीं रख सकते। यात्री अपना मोबाइल लेकर यात्रा कर सकते हैं, लेकिन मंदिर परिसर के अंदर उसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। प्रशासन और मंदिर समिति ऐसी व्यवस्था पर भी काम कर रही है, जिसमें प्रवेश द्वार पर मोबाइल जमा करने या सुरक्षित लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
कुल मिलाकर, यह फैसला केदारनाथ धाम की पवित्रता, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया जा रहा है।
















