वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही बजट भाषण के दौरान शेयर बाजार के फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) सेगमेंट में STT टैक्स बढ़ाने का ऐलान किया, वैसे ही बाजार पर इसका असर दिखने लगा। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। इंट्रा-डे कारोबार में निफ्टी 25,500 के नीचे फिसल गया, हालांकि उतार-चढ़ाव के बाद यह 25,800 के ऊपर बंद हुआ।
वहीं बजट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राजस्व सचिव ने F&O सेगमेंट में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स की दरें बढ़ाने के फैसले के पीछे की वजह साफ की। सरकार ने कहा कि इस कदम का मकसद बाजार में संतुलन बनाए रखना और जरूरत से ज्यादा सट्टेबाजी पर रोक लगाना है।
सरकार ने क्यों बढ़ाया STT?
रेवेन्यू सेक्रेटरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) से जुड़े सिस्टेमेटिक जोखिमों का समाधान करना है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि वायदा और विकल्प पर एसटीटी में वृद्धि का उद्देश्य अत्यधिक सट्टेबाजी पर अंकुश लगाना है।
वित्त मंत्री ने दोहराया कि एसटीटी में बढ़ोतरी मामूली है और इसका एकमात्र उद्देश्य अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकना है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि एसटीटी में वृद्धि केवल वायदा और विकल्प सौदों पर ही लागू होगी, क्योंकि इनमें अत्यधिक सट्टेबाजी और जोखिम शामिल है।
क्या होता है STT?
STT (सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स) एक प्रकार का टैक्स है जो शेयर बाजार में शेयरों की खरीद-बिक्री पर लगता है। शेयर, डेरिवेटिव्स या इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदते या बेचते समय यह टैक्स लागू होता है। इस टैक्स को सरकार ने साल 2004 में शुरू किया था ताकि शेयर बाजार में सट्टेबाज़ी कम हो और सरकार को टैक्स से कमाई हो सके।
STT में कितनी बढ़ोतरी?
इस बजट में फ्यूचर सेगमेंट में STT को पहले के 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है, जो कि 150 फीसदी की बढ़ोतरी है। वहीं, ऑप्शंस पर STT बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है, जो कि पहले 0.1 फीसदी था।
STT में बढ़ोतरी से टूटा शेयर मार्केट
शेयर बाजार के फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट में सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स बढ़ाने के फैसले से मार्केट बुरी तरह टूट गया। इंट्रा डे के दौरान मार्केट में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला और निफ्टी की क्लोजिंग 2 फीसदी की गिरावट के साथ हुई। इंडेक्स के 50 में से 44 शेयर कमजोरी के साथ बंद हुए।
















