मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम खंडाला घाट के पास प्रोपलीन गैस (अत्यधिक ज्वलनशील रसायन) से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर 20 घंटे से अधिक समय तक लंबा जाम लगा रहा।

समाचार लिखे जाने तक यातायात धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। वहीं, पलटे टैंकर से गैस निकालकर उसे दूसरे टैंकर में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर प्रोपलीन गैस टैंकर पलटा
मंगलवार शाम करीब पांच बजे खंडारा घाट की अडोशी सुरंग के पास प्रोपलीन गैस भरा एक टैंकर अनियंत्रित हो कर पलट गया। जिसके बाद सुरक्षा कारणों से मुंबई जाने वाली लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया।
हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर 15 किलोमीटर से भी लंबा जाम लग गया है, जिसमें हजारों वाहन समाचार लिखे जाने तक फंसे हुए हैं।
घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टैंकर पलटने के बाद उससे प्रोपलीन गैस का रिसाव शुरू हो गया।
ज्वलनशील गैस होने के कारण विस्फोट के डर से पुलिस ने तुरंत यातायात रोक दिया और स्थिति संभालने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और भारत पेट्रोलियम (बीपीसीए) की टीमें बुला ली गईं।

20 घंटे से अधिक समय तक भीषण जाम लगा
ये टीमें तब तक गैस रिसाव को नियंत्रित करने का प्रयास करती रहीं, जब तक दूसरा खाली टैंकर गिरे हुए टैंकर से गैस ट्रांस्फर करने के लिए नहीं आ गया।
बीसवीं सदी के अंतिम दशक में बने देश के इस प्रथम एक्सप्रेस वे पर भीषण जाम के चलते छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित हजारों यात्री रात भर सड़क पर फंसे रहे।
हजारों यात्री भोजन-पानी के बिना फंसे रहे
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उनके पास न तो भोजन था और न ही पीने का पानी।
शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक यात्री ने बताया कि वह पिछले 15 घंटों से एक ही जगह पर खड़ा है।
एक्सप्रेस वे पुलिस के एसपी तानाजी चिखले ने बताया कि जब तक गैस का रिसाव पूरी तरह बंद नहीं हो जाता और टैंकर को सुरक्षित रूप से हटाया नहीं जाता, तब तक यातायात सामान्य करना संभव नहीं है।
इस बीच यात्रियों को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे या अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

















