चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के 78 बड़े आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है। इन परिसरों की सूची 25 फरवरी को जारी की जाएगी। बुधवार को चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में संशोधन के बाद कई क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या कम होने की संभावना है। ऐसे में कुल मतदान केंद्रों की संख्या भी घटाई जा सकती है। उनका कहना है कि जब मतदान केंद्र घर से काफी दूर होते हैं तो कई लोग, खासकर बुजुर्ग मतदाता, वोट डालने नहीं पहुंच पाते। बड़े हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर मतदान केंद्र बनने से लोगों को सुविधा मिलेगी और मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
इससे पहले आयोग ने कोलकाता समेत सात जिलों के 69 ऊंची इमारतों वाले परिसरों में मतदान केंद्र बनाने की योजना की घोषणा की थी। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आपत्ति जताई थी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं आवासीय परिसरों में मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जहां 300 से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं।
बहुमंजिला इमारतों के भीतर मतदान केंद्र बनाने के प्रस्ताव पर मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ निवासियों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे उनकी सुरक्षा और निजी जीवन प्रभावित हो सकता है।
दक्षिण कोलकाता के बेहाला इलाके के एक आवासीय परिसर के निवासी ने कहा कि कॉम्प्लेक्स को मतदान केंद्र बनाने से सुरक्षा और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ेगा। वहीं, कुछ अन्य लोगों का मानना है कि इससे लोगों को घर के पास मतदान की सुविधा मिलेगी और वोटिंग में भागीदारी















