नई दिल्ली। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता समाप्त करने के प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में नोटिस दिया है। यह कदम उस बयान के बाद उठाया गया है, जिसमें राहुल गांधी ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील और केंद्रीय बजट पर सवाल उठाए थे।
बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी बिना तथ्यों के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने राजनीति की तुलना मार्शल आर्ट से करते हुए ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई थी।
असंसदीय शब्दों और आरोपों पर आपत्ति
लोकसभा सचिवालय में दाखिल नोटिस में कहा गया है कि राहुल गांधी ने सदन में असंसदीय भाषा का प्रयोग किया और तथ्यों पर आधारित न होने वाले आरोप लगाए। साथ ही उनके भाषण के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग भी की गई है। यह नोटिस लोकसभा के नियम 380 के तहत दिया गया है।
अगर विशेषाधिकार हनन का यह मामला सदन में आगे बढ़ता है, तो राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विशेषाधिकार नोटिस पर राहुल का जवाब
विशेषाधिकार हनन नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने पत्रकारों के सवाल पर कहा, “क्या वे लोग आपको कीवर्ड्स देते हैं?” उनके इस बयान को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पहले भी जा चुकी है सदस्यता
साल 2023 में 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए एक बयान को लेकर सूरत की अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि बाद में उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई थी।
फिलहाल इस नए नोटिस के बाद संसद और सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आगे सदन में क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सबकी नजर टिकी















