छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला में ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। कबीर नगर इलाके में पकड़े गए सट्टेबाजों के तार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। मामले में एक मास्टरमाइंड का नाम सामने आया है, जो अब भी शहर में सक्रिय बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
दुबई से ऑपरेट हो रहा नेटवर्क
जांच में पता चला है कि इस सट्टा नेटवर्क का संचालन दुबई से किया जा रहा है। मास्टरमाइंड के दो रिश्तेदार करीब चार महीने पहले मोबाइल का कारोबार छोड़कर ऑनलाइन सट्टे में उतर गए थे और बाद में दुबई शिफ्ट हो गए। वहीं रायपुर में पूरा नेटवर्क वही मास्टरमाइंड संभाल रहा है।
क्राइम ब्रांच ने 11 फरवरी को ओम खेमानी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान मास्टरमाइंड भी मौके पर मौजूद था, लेकिन वह फरार हो गया।
महादेवबुक से जुड़ा पुराना नेटवर्क
रायपुर में पहले से सक्रिय सट्टा नेटवर्क का कनेक्शन महादेवबुक से भी जुड़ा हुआ है। इस नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन, पंडरी, तेलीबांधा, खमतराई और गुढ़ियारी थाना क्षेत्रों में पहले भी मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, कुछ आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और नाम बदलकर वेबसाइट व ऐप के जरिए सट्टा चला रहे हैं।
मोबाइल दुकान के जरिए दस्तावेजों का इस्तेमाल
गिरफ्तार आरोपियों—ओम खेमानी, दीपक सचदेवा, गौरव सचदेवा और ऋषभ रंगलानी—के पास से पुलिस को 17 म्यूल बैंक खाते मिले हैं। आशंका है कि मोबाइल दुकान के जरिए सिम लेने वाले ग्राहकों के दस्तावेजों का इस्तेमाल इन खातों को खोलने में किया गया। इन खातों में करोड़ों रुपये के लेन-देन के सबूत मिले हैं।
जांच जारी, म्यूल खातों की पड़ताल
मामले में पुलिस अब म्यूल खातों की जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये खाते किसने और कैसे खुलवाए। क्राइम एंड साइबर के डीसीपी स्मृतिक राजनाला ने बताया कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।















